Adi Kailash Yatra 2022 : आदि कैलास यात्रा पर पहले दल को 31 मई को भेजने की तैयारी

Adi Kailash Yatra 2022 : आदि कैलास यात्रा पर पहले दल को 31 मई को भेजने की तैयारी





जागरण संवाददाता, नैनीताल : Adi Kailash Yatra 2022 : श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से संचालित आदि कैलास यात्रा (Adi Kailash Yatra) जून पहले सप्ताह नहीं, अब 31 मई से ही शुरू हो जाएगी। यात्रा के लिए पंजीकरण व परिवहन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी डिवाइन मंत्रा प्राइवेट लिमिटेड, ट्रिप टू टेंपल्स की ओर से पहला दल 31 मई को भेजने की तैयारी की जा रही है।

आदि कैलास यात्रा के लिए 24 जून तक के दल की बुकिंग फुल हो चुकी है। अब तक साढ़े चार सौ श्रद्धालु आदि कैलास के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जो अब तक रिकार्ड है। अब तक निगम संचालित यात्रा में 2017 में सर्वाधिक 424 यात्री आदि कैलास गए थे।

1990 से हो रही है आदि कैलास यात्र

केएमवीएन 1990 से आदि कैलास यात्र का संचालन कर रहा है। इससे पहले तक सड़क मार्ग नहीं होने की वजह से आने जाने में पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में करीब डेढ़ सौ किमी यात्रा पैदल करनी होती थी। अब केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों से नाभीढांग व ज्योलीकोंग तक एनएच निर्माण चल रहा है। अब यह यात्रा बिना पैदल चले वाहन से की जाएगी।

इन राज्यों के श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

ट्रिप टू ट्रेवल्स संस्था के डायरेक्टर विकास शर्मा ने बताया कि अब तक 450 यात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है। इसमें आंध्र प्रदेश के 11, बिहार के दो, चंडीगढ़ के 34, गुजरात के 51, दिल्ली के 30, हरियाणा के 16, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के एक-एक, झारखंड के पांच, कर्नाटक के 15, केरला के 12, मध्यम प्रदेश के 11, महाराष्ट्र के 71, उड़ीसा के 13, पंडूचेरी के चार, पंजाब के आठ, राजस्थान के 43, तमिलनाडु के 12, तेलंगाना के एक, उत्तर प्रदेश के 58, उत्तराखंड के तीन व पश्चिम बंगाल के 48 यात्री शामिल हैं।

यहां से होकर गुजरेगी यात्रा

विकास शर्मा ने बताया कि 24 जून तक के जत्थों की बुुकिंग फुल हो चुकी है जबकि 28 व 30 जून के जत्थे में कुछ सीटें रिक्त हैं। केएमवीएन के जीएम एपी बाजपेई ने बताया कि यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह है। काठगोदाम से आठ दिन तक चलने वाली यात्रा भीमताल, नीम करौरी बाबा आश्रम कैंची धाम, चितई गोलज्यू देवता, जागेश्वर धाम, पार्वती मुकुट, ब्रह्मा पर्वत, शेषनाग पर्वत, शिव मंदिर, पार्वती सरोवर, गौरी कुंड, पाताल भुवनेश्वर, पांडव किला, कुंती पर्वत, पांडव पर्वत, वेदव्यास गुफा से होकर गुजरती है। यात्रा अक्टूबर तक चलेगी।

दो हजार यात्रियों को भेजने का संकल्प

इस बार केएमवीएन के नए एमडी विनीत तोमर ने इस यात्रा में करीब दो हजार यात्रियों को भेजने का संकल्प लिया है। पहले दिन काठगोदाम से पिथौरागढ़ 210 किमी, दूसरे दिन पिथौरागढ़ के धारचूला वाया ओगला जौलजीवी, रात्रि विश्राम धारचूला, तीसरे दिन धारचूला से गुंजी, मालपा, बूंदी, गब्र्यांग, रात्रि विश्राम गुंजी, चौथे दिन गुंजी से आदि कैलास, नाबी, कुटी, जौलीकांग, दर्शन आदि कैलास, पार्वती सरोवर, पार्वती मुकुट दर्शन होगा। आदि कैलास दर्शन एवं पार्वती सरोवर पांच किमी पैदल है। पांचवों दिन गुंजी से नाभीढांग ओम पर्वत, वाया कालापानी, दर्शन व्यास गुफा, शेषनाग पर्वत, काली मंदिर, काली नदी उदगम स्थल, ओम पर्वत दर्शन होंगे।

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